Media Coverage

Digital Women Entrepreneur award for ‘Best service disruptor’ of the year by #Shethepeople,

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Thrilled to receive the Digital Women Entrepreneur award for ‘Best service disruptor’ of the year by Shethepeople, a big testimony for Shubhpuja as a digital platform breaking the stereotype in #Spirituality and being recognised for providing science & technology based solutions to people!!

Mr. Harsh Vardhan of Shubhpuja.com in Aviation sector!

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The creative minds behind the inception of Shubhpuja.com have also reached the heights of sky by taking a plunge in Regional Aviation.

Mr. Harsh Vardhan, Director of Shubhpuja.com and Starair Consulting; also the former MD of Vayudoot has launched an opportunity to own an Airline.

By the grace of Lord and serving the people through spirituality, Mr. Vardhan has set a benchmark in Aviation sector too.

Starair Franchise ad

Spiritual Photography Contest

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Spirituality refers to a certain way of being. It is a way of living or rather a human experience which brings us closer to our own self. To showcase your idea about spirituality, Shubhpuja has launched the first of its kind ‘Spiritual Photography Contest’.

As spirituality and photography have something in common, they’re both soulful and mesmerizing; thus this is an apt platform to covey your soulful emotions and feelings.

The photographer has the complete freedom of expressing his own perspective about spirituality. Few glimpses of the spiritual photographs are:

spiritual photos 1Pray with spray by Sudipta Dutta Chowdhury

spiritual photos 3Beauty is everywhere by Yashasvi Patidar

spiritual photos 4Burning Sadhu baba by Ashutosh Chandel

spiritual  mukkesh sharmaThe Lord Of wit by mukkesh sharma

spiritual Prasad DasThe conch shell blower by Prasad Das

spiritual Sanghamitra SarkarThe priest by Sanghamitra Sarkar

 

To be a part of this spiritual journey send us your photographs at- http://photofie.com/contest/details/spiritual-photo-contest

P.S: Only 1 photo per entry is allowed and last date of the submission is 22nd July, 2016

 

Saumya Vardhan featured in Economic Times

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Fifteen women entrepreneurs have been selected by Zone Startups India for its “empoWer” accelerator programme for women entrepreneurs in tech businesses.

Saumya Vardhan (CEO and Founder of shubhpuja.com) who has over 10+ years of international consulting, industry and entrepreneurship experience is one of the 15 selected women entrepreneurs.

Read more: http://bit.ly/28LQeKM

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Saumya Vardhan featured in Inc 42

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Mumbai-based technology startup accelerator Zone Startups India has selected 15 women entrepreneurs for its accelerator programme titled empoWer. The candidates have been selected from 181 applications received from all over India that are using technology as an enabler in their ventures. The program starts on 17th June and will culminate with a demo day on 29th July.

Saumya Vardhan (CEO and Founder of shubhpuja.com) who has over 10+ years of international consulting, industry and entrepreneurship experience is one of the 15 selected women entrepreneurs.

Read more: http://bit.ly/1rtgWQQ

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Yoga for Self Realization

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Yog asana are a prerequisite for cleansing the mind, body and chakras. Asanas may be comprehended as exercise for the purpose of removal of toxins. The purpose of yoga however is different, it is self-realization. Asana is a preparatory exercise to condition the body for yoga, it is not yoga. Yoga is the art of returning back to the creation, which always bestows upon us. Yoga is the journey of getting rid of our inner wastes and facilitates a journey towards self.

To teach the art of excelling our inner being, Dhyan Foundation teaches ‘Sanatan Kriya’ which is assimilation of Vedic techniques encompassing all the eight limbs of Ashtanga yoga as laid down by Sage Patanjali. Sanatan kriya brings closer to the deepest mysteries of creation, the magnanimous gyan of the Vedic seers, and the ancient secrets to health, beauty and glow for not just the physical body but also the external layers that comprise the being; layers which are invisible to the uninitiated but evident to the practitioners of Yog and Sanatan Kriya.

The easy steps of sanatan kriya fulfill different purposes in our hectic lives. The Ujjai pranayam purifies the body. The basic joint rotations regularize the flow of prana in the body. The chakra santulan pranayam redistributes this prana in the various chakras. The paanch mahaprana dhyan balances the five vayus that control the physical body and balances the five elements. Charity and service are also an integral part of the kriya and indispensable for purification of the self, as well as growth.

Yoga enhances the vitality, memory and productivity. It helps us to strengthen our senses and relieve us from anxiety. Yoga is a natural healer for chronic ailments and it imparts a sense of joy, peace and fulfillment within the people.

Happy International Yoga Day (21st June) to all!

||योगी अश्विनी के साथ शुभपूजा की खास बातचीत||

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योग गुरु योगी अश्विनी ने कहा कि योग एक्सर्साइज़ से अलग है| आसन आसन होता है और एक्सर्साइज़ के स्टेप्स अलग होते हैं| योग को योग की तरह से करेंगे तभी वो फायदा देगा, योग को एक्सर्साइज़ की तरह से करेंगे तो ये नुकसान ही देगा| योग तभी फायदा देता है जब वो गुरु के सानिध्य में हो|

विश्व योग दिवस पर शुभपूजा ने योगी अश्विनी से योग पर खास बातचीत की..

  1. योग क्या है?

जीवन में दो ही चीज़े होती हैं- एक  प्रकृति और एक विकृति| जब हम विकृति की तरफ जाते हैं तो शरीर और बुद्धि दोनों ही खराब होते हैं परंतु जब हम प्रकृति की तरफ जाते है तो बुद्धि का विकास होता है और शरीर स्वस्थ होकर बैलेंस रहता है| विकृति से प्रकृति की तरफ जो प्रक्रिया ले जाती है उसे ही योग कहते हैं| योग एक बार जिसकी समझ में आ जाए फिर वो बीमार नहीं हो सकता|

  1. आम जीवन में योग कैसे करें और कितनी देर करें?

ये हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण ये है कि योग हमेशा गुरु के सानिध्य में ही करें| आपका गुरु आपको बेहतर जान सकता है कि आप कितनी देर योग करें| वो 5 मिनट के योग में ही आपको वो असर दिला सकता है जितना आप खुद से 5 घंटों में भी हासिल न कर पाएं| ये आपके और आपके गुरु के बीच संबंध पर भी निर्भर करता है| एक बार फिर कहूंगा कि योग गुरु होता है और गुरु ही योग होता है इसलिए योग हमेशा गुरु के सानिध्य में ही करें|

  1. योगकरने का सही तरीकाऔर वक्त क्या है ?

योग में न तो कोई रीति रिवाज़ होता है और न ही लाइफ स्टाइल; न तो आर्ट होता है और न ही योग का कोई धर्म होता है| ना तो इसमें किसी देवी-देवता को मानना है और न ही खान-पान का कोई प्रतिबंध करना है| योग आपको मुक्त करने के लिए है और आप गुरु के बताए रास्ते पर चलते हुए किसी भी वक्त योग कर सकते हैं| ये सब बातें सामान्य लोगों के लिए हैं लेकिन जैसे-जैसे आप योग में आगे बढ़ेगे तो प्रतिबंध भी लागू होने लगेगे हालांकि ये प्रतिबंध जबरन नहीं होते| लेकिन योग आप मे इतनाबस जाता है कि जो आपके लिए सही नहीं होता वो आप खुद से ही छोडऩे लगते हैं| इसमें न तो वक्त का कोई बंधन है और न ही डाइट का कोई प्रतिबंध|

  1. योग करते समये ब्लडप्रेशर, शूगर और दिल की बीमारी जेसे रोगों के मरीज़ को क्या ध्यान रखना चाहिए और कैसे योग नहीं करने चाहिएं ?

ये सब व्यक्तिगत कारण हैं और इनका समाधान भी व्यक्तिगत ही है| आमतौर पर ऐसी बीमारियां गलत लाइफ स्टाइल के कारण ही होती हैं जिनका उपचार भी योग में जल्दी ही हो जाता है|

  1. क्याब्लडप्रैशर, शूगर और दिल की बीमारी का ईलाज़ या उन पर कंट्रोल योग में संभव है ?

योग में किसी बीमारी का वर्णन नहीं है, सिर्फ प्रकृति और विकृति का ही वर्णन है| आप जब प्रकृति के साथ चलते हो तो कोई बीमारी आपको हो ही नहीं सकती; आप अपनी इच्छा से ही शरीर छोड़ोगे| हमारे पास योग करने वाले हर प्रोफेशन के लोग हैं जिनमें जज, वकील, चार्टेड एकाउंटेंट, स्टूडेंट्स और आदि है| इनमें से अब कोई बीमार नहीं होता क्योंकि वो सब प्रकृति के साथ चल रहे हैं| हां जिनको ये बीमारी हो चुकी है उनका भी उपचार योग में ही संभव है|

  1. तनावआजके दिन में सबसे बड़ी समस्या है जो इंसान को अंदर ही अंदर खाए जा रहा है… तनाव को कम करने के लिए किस तरह का योग करना चाहिए ?

तनाव से मुक्ति भी योग में सौ फीसदी संभव है| योग आपको सच्चाई दिखाता है कि आपकी असलियत क्या है| जब आपको समझ में आता है कि ये संसार नश्वर है तो आपको तनाव से भी निजात मिल जाता है| आपको पढ़ लिखकर नहीं बल्कि गुरु के सानिध्य में योग करते हुए खुद ही ये अहसास हो जाता है|

  1. इस योग दिवस पर आप लोगों को क्या संदेश देना चाहेंगे ?

जैसा पिछले साल योग दिवस पर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि योग को माया से दूर रखें और योग गुरु के सानिध्य में ही करें, मैं भी यही कहना चाहता हूं कि सही योग करें और गुरु के सानिध्य में करें| गुरु भी वो हो जो माया से परे हो|